
नई दिल्ली (SHABD): भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा नीति वार्ता का 10वां दौर नई दिल्ली में आयोजित किया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय नीति के प्रथम सहायक सचिव बर्नार्ड फिलिप ने किया। इस चर्चा में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पुन: पुष्टि की गई।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हाल के वर्षों में हुई प्रगति का स्वागत किया। वर्ष 2025 में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के वार्षिक संवाद की स्थापना ने परामर्श प्रक्रिया को और मजबूत किया तथा दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाया है।
दोनों पक्षों ने हाल ही में प्रमुख कार्यान्वयन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिए जाने और पहली बार हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की निरंतर गति को स्वीकार किया। उन्होंने इस वर्ष के अंत में पहली भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त स्टाफ वार्ता आयोजित करने पर सहमति जताई।
सह-अध्यक्षों ने वर्ष 2024 के भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक लीडर्स शिखर सम्मेलन के परिणामों की समीक्षा की, जिनका उद्देश्य रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा को नवीनीकृत और सुदृढ़ करना तथा संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप विकसित करना है।
दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों की बढ़ती आवृत्ति और जटिलता का स्वागत किया। उन्होंने समुद्री सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की तथा क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग जारी रखने की आशा जताई।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने सभी क्षेत्रों में परस्पर संचालन क्षमता को और मजबूत करने के लिए अगले कदमों पर सहमति व्यक्त की। रक्षा मंत्रियों की महत्वाकांक्षाओं की पुन: पुष्टि करते हुए दोनों देशों ने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति व्यक्त जताई।
दोनों देशों ने विभिन्न प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर चर्चा की, जिनमें जनरल बिपिन रावत स्मृति युवा अधिकारी आदान-प्रदान कार्यक्रम तथा भारतीय सैन्य अकादमी तथा रॉयल मिलिट्री कॉलेज, डंट्रून के बीच दौरे शामिल हैं। ऐसे प्रशिक्षण आदान-प्रदान आपसी विश्वास, लोगों के बीच संबंध और एक-दूसरे के क्षेत्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण की समझ को मजबूत करते हैं।
दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योगिक सहयोग और सहभागिता के रणनीतिक महत्व को स्वीकार किया। उन्होंने रक्षा उद्योग एकीकरण को सुगम बनाने के प्रयासों का स्वागत किया, जिनमें 2025 में सिडनी में आयोजित होने वाली पहली भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा उद्योग गोलमेज बैठक, 2025 में भारत में ऑस्ट्रेलिया का पहला रक्षा व्यापार मिशन तथा 2026 में नई दिल्ली में आयोजित रायसीना संवाद के दौरान रक्षा उद्योग रणनीतिक गोलमेज बैठक शामिल हैं।