
रायपुर,10 अगस्त 2026 :प्रधानमंत्री के आह्वान एवं भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान के तहत प्रदेशभर में युवाओं और विद्यार्थियों को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, सेमरा, विकासखंड कुसमी में वृहद नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशे से स्वयं दूर रहने, अपने परिवार और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान, मानसिक प्रभाव, पारिवारिक विघटन, सामाजिक अपराध एवं आर्थिक हानि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों और शिक्षकों ने युवाओं को शिक्षा, खेल, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा रचनात्मक कार्यों के माध्यम से अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें विद्यार्थियों का राज्य स्तर पर चयन एवं सहभागिता सुनिश्चित की गई। विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध जागरूकता संदेश देते हुए अपने साथियों, परिवारजनों एवं समुदाय को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ, अनुशासित और जागरूक युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। नशामुक्त जीवनशैली अपनाकर युवा न केवल अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान का उद्देश्य देशभर के युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।